Autho Publication
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Deepali Kiran

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Chapter 1 :

Jab Mann Chalke

चलो तनहाई चलते हैं ऊँचे टीले पर, गुनगुनी धूप मे बैठ के बतियाएंगे !! परछाई को भी ले चलते हैं , खूब जमेगी ! मुस्कान को बुला लेते हैं , वरना बुरा मान जायेगी ! खुशी बडी नखरीली हैं, उसको नहीं बतायेंगे !! मनमौजी ख्यालतों को ले चलते है, उनके पकवान बडे अच्छे हैँ !! वाह रे मंन तेरे कितने यार , सब फिर से शोर मचायेंगे !! गुनगुनी धूप मे सर्द हवा मे बैठ के बतियाएंगे!!

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