गुनाहगार हूं मैं 2 months ago

General Fiction 0 Chapter Created 48 Reads 0 Likes

हम एक ज़िंदगी में हज़ारों,लाखों ज़िंदगियाँ जीते है और यही बात हम सबको हम सबसे अलग करती है। कोई अच्छी ज़िन्दगी जीता है तो कोई बुरी है, कोई बहुत पैसे वाला है तो कोई बहुत ही गरीब, किसी के घर में अच्छे-अच्छे पकवान बनाएं जाते है तो किसी को एक वक्त की रोटी भी नसीब नहीं होती। ये जिंदगी की बहुत बचकानी सी बात लगती है मुझे, जिसमें किसी को सब कुछ मिल रहा है और किसी को कुछ भी नहीं।

Tania Narang

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